संवेदनाओं का प्रगट रूप है- स्वीकार संस्था

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स्रोत: Seva-Hindi      तारीख: 07 Mar 2013 16:29:35

विकलांगों के अभिभावकों की संस्था - स्वीकारअपने में ही उलझे, मस्तिष्क रोग से पीड़ित, मतिमंद और अन्य दृष्टि से विकलांगों के अभिभावकों की संस्था है - "स्वीकार"। यह संस्था राष्ट्रीयस्तर पर अभिभावक महासंघ से संलग्न है। साथ ही भारत सरकार के राष्ट्रीय न्यास से पंजीकृत है।


विकलांगों के अभिभावकों की संस्था - स्वीकारशरीर, बुद्धि और मस्तिष्क से विकलांगों के प्रति समाज की संवेदना को सेवाकार्य के लिए प्रेरित करने का कार्य यह संस्था करती है। समाज में ऐसे कई परिवार हैं जहां मतिमंद या अपंग बच्चे दिखाई देते हैं। उनके प्रति समाज में संवेदना तो होती है परन्तु उन विकलांगों को स्वीकारने की, उसे आश्रय देने का मानस बहुत ही कम लोगों में दिखाई देता है। कभी-कभी तो विकलांगों से उनके परिवार वाले भी त्रस्त हो जाते हैं और उन विकलांगों पर रोष प्रकट कर देते हैं। आस-पास के लोग उनका मजाक उड़ाते हैं। ऐसे में उन अभागे मतिमंदों और विकलांगों की पीड़ा को भला कौन समझेगा? कौन उनके जीवन को आनंददायी बनाएगा? यह प्रश्न संभवतः सबके मन में आता है। निश्चित रूप से विकलांगों का मानस यही कहता होगा कि 'हम जैसे हैं, उसी रूप में हमें स्वीकारो..., हम पर उपकार न जताओ।'


विकलांगों के अभिभावकों की संस्था - स्वीकार"स्वीकार" यह संस्था इसी भाव का प्रगट रूप है, जो अपंगों व मतिमंदों को उसी रूप में अपनाकर उनके जीवन को आशावान बनाने का कार्य करता है। इसके लिए संस्था द्वारा उन अभिभावकों का मासिक एकत्रीकरण किया जाता है जिनके परिवार में मतिमंद या मानसिक दृष्टि से विकलांग बच्चे या युवा हैं। इस एकत्रीकरण में अभिभावकों का मार्गदर्शन करने के लिए डॉक्टर, मनोरोग विशेषज्ञ, स्पीक थेरेपिस्ट तथा इस विषय के विशेषज्ञ समाजसेवियों को आमंत्रित किये जाते हैं जो अपने उद्बोधन के माध्यम से बताते हैं कि मानसिक दृष्टि से त्रस्त बालक अथवा व्यक्ति का विकास किस तरह से किया जा सकता है। साथ ही पीड़ित व उनके परिवारवालों को यात्रा, कर तथा अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देनेवाले विशेषज्ञों का भी मार्गदर्शन प्राप्त होता है।


विकलांगों के अभिभावकों की संस्था - स्वीकारप्रतिवर्ष नियमित रूप से इन विकलांगों के लिए पिकनिक (सहल) का आयोजन किया जाता है। पिकनिक में उनके अभिभावक भी उनके साथ होते हैं। गत 3 - 4 वर्षों से सहभागियों की संख्या 500 से भी अधिक हो गई हैं।

इन विकलांगों की सृजन क्षमता को बढ़ावा देने के लिए गायन व नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। संस्था द्वारा आयोजित इस विशेष उपक्रम में विदर्भ (महाराष्ट्र) के ऐसे अनेक विशेष विद्यालयों के 150 से अधिक विद्यार्थी सम्मिलित होते हैं। इन विशेष विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विविध खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन समय-समय पर किया जाता है। संस्था द्वारा त्रैमासिक पत्रिका 'जागृति' तथा द्वि-वार्षिक स्मरणिका प्रकाशित की जाती है, जिनमें संस्था के वार्षिक गतिविधियों व कार्यों की जानकारी होती है।

पुरस्कार एवं सम्मान 

मतिमंदों के लिए कार्य करनेवाली सर्वोत्तम तथा आदर्श अभिभावक संगठन के रूप में सन 2007 में "प्रेमलता पेशावरिया राष्ट्रीय पुरस्कार" देकर संस्था को सम्मानित किया गया। साथ ही इस क्षेत्र में विशेष कार्य के लिए नागपुर के बैंकर्स स्पोर्टस कौन्सिल ने 2006-07 में "स्पेशल सर्विस ट्रॉफीपुरस्कार प्रदान कर संस्था को सम्मानित किया।

स्वीकार आशियाना 


विकलांगों के अभिभावकों की संस्था - स्वीकारस्वीकार संस्था ने विशेष प्रौढ़ महिलाओं के लिए अल्पकालीन के साथ ही स्थायी निवास व्यवस्था के लिए "स्वीकार आशियाना" नामक विशेष प्रकल्प शुरू किया है। वर्तमान में यहां 10 महिलाओं के निवास की व्यवस्था है। यहां मतिमंदों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चलाये जाते हैं। तीन प्रशिक्षित शिक्षकों के मार्गदर्शन में फाइल्स, शुभकामना पत्र, पॉकिट, राइटिंग पैड, फिनाइल, लिक्विड सोप सहित अनेक शोभनीय वस्तुओं का निर्माण किया जाता है, तथा उन वस्तुओं को बाजार में विक्री के लिए भेज दिया जाता है। साथ ही प्रतिवर्ष ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन किया जाता है।

संस्था का उद्देश्य :

1) मतिमंदों के सुखी तथा आत्मसम्मान से युक्त जीवन।
2) अपंग व्यक्ति के परिवार को मुसीबत के समय मदद।
3) अपंग व्यक्ति को शालेय व बौद्धिक विकास शिक्षा के लिए प्रोत्साहन।
4) विशेष प्रौढ़ व्यक्तियों को सुरक्षित निवास व्यवस्था।
5) इन विशेष व्यक्तियों के लिए संरक्षित कार्यशाला तथा व्यावसायिक केंद्र की स्थापना।
6) मतिमंदों तथा इस संबंधी संशोधन को प्रोत्साहन।
7) किसी भी प्रकार का पूर्वग्रह न रखते हुए इन विशेष व्यक्तियों को समाज द्वारा सहज स्वीकार की दिशा में सामाजिक जागरण।       

निरामय योजना

मानसिक दृष्टि से दुर्बल बालक के वयस्क हो जाने पर अथवा उनके अभिभावक के जीवित न रहने पर उनकी देखभाल ठीक से नहीं हो पाता। इस कारण वे दुखी रहते हैं। उनके इस अभाव को दूर करने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय न्यास के अंतर्गत निरामय योजना (Medical Insurance of Mentally Retarded) बनायी गई है। जिसके अंतर्गत वयस्क हो जाने पर मतिमंदों के क़ानूनी तौर पर कोई भी व्यक्ति पालकत्व की जिम्मेदारी ले सकता है। संस्था द्वारा ऐसे मतिमंदों तथा ऐसे अभिभावकों के आवेदन स्वीकार किये जाते हैं और इसके बाद उन आवेदनों को राष्ट्रीय न्यास में भेज दिया जाता है।

संस्था का कहना है कि भविष्य में इन विशेष व्यक्तियों के लिए स्थायी निवास, कार्यशाला, कर्मचारी निवास, प्रथमोपचार केंद्र तथा सांस्कृतिक भवन के निर्माण की योजना है। सरकार की मदद और समाज के प्रबुद्ध व समृद्ध दानदाताओं के सहयोग से इस स्वप्न को साकार किया जायेगा।

 

सम्पर्क

1. "स्वीकार"
Association of Parents of Mentally Retarded, Austistic, C.P. & Multiple Disabled Children
9, कस्तुरबा भवन, बजाजनगर
नागपुर – 44 00 10 
फोन : (0712) 2225766
ई मेल : [email protected] 

2. स्वीकार आशियाना
A residential home for special adult girls with special needs
75, नरकेसरी ले आउट, जयप्रकाशनगर
नागपुर – 44 00 25 
फोन : (0712) 2283957          

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