उपयोगी शिक्षा की आवश्यकता : अशोक भगत

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स्रोत: Seva-Hindi      तारीख: 24 Apr 2013 16:44:46

Ashok Bhagat, Secretoty Vikas Bharati, Jharkhandझारखंड का समावेश भारत के अविकसित राज्यों में होता है। यहां का अधिकांश क्षेत्र शिक्षा, आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा है। सरकार के साथ कुछ स्वयंसेवी संगठन भी इन क्षेत्रों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। विकास भारती भी ऐसा ही विकास कार्य में सक्रिय एक संगठन है। विकास भारती के सचिव अशोक भगत गत २५ वर्षों से सुदूर बिशुनपुर एवं राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागृति का काम कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण जनता के दर्द को समझा। उनके द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए विकास कार्य मील का पत्थर साबित हुए हैं। इस संदर्भ में उनके साथ हुई चर्चा :

प्रश्न : झारखंड की वर्तमान स्थिति के बारे में आप आप क्या कहेंगे ?

उत्तर : किसी भी राज्य का विकास वहां के संसाधन एवं लोगों पर आधारित होता है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड में उपलब्ध संसाधन, विकास की धुरी नहीं बन पाए। इस कारण विकास की प्रक्रिया गति धीमी रही है।

प्रश्न : झारखंड में विकास भारती द्वारा किए गए कामों से क्या आप संतुष्ट हैं, और ग्रामीणों को इससे क्या लाभ हुआ ?

उत्तर : लोगों तक सेवा पहुंचाना हमारा काम था। हम इसे उपलब्धि कतई नहीं मानते, यह तो हमारा दायित्व है। हमने यहां शिक्षा के लिए उपयुक्त वातावरण निर्माण किया, ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागृति आयी है। पहले कोई बीमार हो जाता तो लोग झाड़-फूंक को ही उपचार मानते थे। इस संदर्भ में आप ग्रामीणों के व्यवहार में बदलाव देख सकते हैं।

प्रश्न : राज्य के कृषि विकास के बारे में आप का क्या आकलन है

उत्तर : कृषि का विकास, राज्य के विकास का आधार हो सकता है और अनाज के बारे में झारखंड आत्मनिर्भर बन सकता है। बड़े-बड़े बांध तो बन गए लेकिन इसका लाभ कृषि क्षेत्र को नहीं मिला। सिंचाई के लिए गांवों में छोटे-छोटे बांध बनाने चाहिए। इसके साथ ही राज्य में व्यवसायात्मक खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

प्रश्न : राज्य में शिक्षा की स्थिति कैसी है ?

उत्तर : सरकार योजनाओं पर ही राज्य में शिक्षा निर्भर है। शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए सामाजिक स्तर पर कुछ विशेष नहीं हुआ है। अन्य राज्यों के विद्यार्थियों की तरह यहां के विद्यार्थी भी युगीन प्रतिस्पर्धाओं की चुनौतियों का सामना कर सके, ऐसे शिक्षा की व्यवस्था करना आवश्यक है।

प्रश्न : राज्य के विकास दृष्टि से आप क्या संभावनाएं देखते हैं ?

उत्तर : यह सही है कि राज्य के विकास की गति अपेक्षाकृत तेज नहीं है। लेकिन, गत दस वर्ष में अनेक विकास कार्य हुए हैं। राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद विकास के कई काम चल रहे हैं। सर्वत्र बदलते हुए वातावरण के शुभसंकेत यह है कि यहां के युवक भी श्रम संस्कृति का महत्त्व समझने लगे हैं; युवाओं में आए इस बदलाव से ही हमारे विकास की विश्वासनीयता बढ़ गई है। 

 

(‘एकल प्रयास' से साभार)