मेघालय में सेवा भारती की आरोग्य रक्षक योजना

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स्रोत: Seva-Hindi      तारीख: 24 Apr 2013 16:22:46

Sewa Bharati Meghalayमेघालय में दूर-दूर पर्वतों में बसे गांव बहुत ही सुन्दर है। यहां के गांव पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। परन्तु घनी वर्षा, भयंकर ठंड और यातायात के लिए मजबूत रास्ता नहीं है। शहरी सुविधाओं को देखते हुए यहां की व्यवस्था बहुत ही लचर नजर आती है। फिर भी सारी असुविधाओं के बावजूद बड़ी संख्या में यहां लोग रहते हैं। बड़ी जनसंख्या में जन समूहों के होने पर भी यहां डॉक्टरों की कमी है, जिसकी वजह से यहां के ग्रामवासियों का इलाज नहीं हो पता था। उत्तर पूर्वांचल के सभी गांवों की स्थिति कम-अधिक प्रमाण लगभग ऐसी ही है। 1999 में सेवा भारती का आरोग्य रक्षक प्रकल्प असम में शुरू हुआ। धीरे-धीरे इसका विस्तार सम्पूर्ण उत्तर-पूर्व में फैल गया है। वर्तमान में 5000 गांवों में "आरोग्य रक्षक" का सेवाकार्य चल रहा है।

प्रत्येक गांव में एक आरोग्य रक्षक युवा या युवती रहती है। इन्हें निरंतर प्रशिक्षण देकर ग्रामवासियों के स्वास्थ्य की प्राथमिक सुरक्षा का दायित्व दिया जाता है। कई गांव से अस्पताल के दूर होने के कारण तथा डॉक्टर की अनुपलब्धता के चलते इन ग्रामवासियों की बीमारी बढ़ने तक लोग इलाज के लिए नहीं करा पाते। ऐसे में बीमारी बढ़ने का खतरा बना रहता। गांव में आरोग्य रक्षक होने पर बीमारी की पहचान बहुत जल्दी हो जाती है और लोगों को अस्पताल चलने का आग्रह भी किया जाता है। आरोग्य रक्षक, बीमार व्यक्ति को स्वयं अपने साथ अस्पताल ले आते हैं, या  फिर सेवा भारती के चलचिकित्सालय (मोबइल क्लिनिक) के आने पर इन रोगियों का इलाज करते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से दैनिक जीवन में स्वच्छता एवं आहार की जानकारी भी वे लोगों को देते हैं।

आरोग्य रक्षक स्वयंसेवी भाव से काम करते हैं, इन्हें कोई मानधन नहीं दिया जाता। उनके प्रशिक्षण के लिए आने जाने का प्रवास खर्च और आवश्यक साहित्य दिया जाता है। उनके पास एक बैग में आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक तथा एलोपैथिक दवाइयां हमेशा रहती हैं।

आरोग्य रक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक साहित्य उन्हीं के भाषा में दिया जाता है। आरोग्य रक्षक योजना के लिए अब अंग्रेजी, असमिया, बांग्ला, बोडो, खासी आदि भाषाओं में आरोग्य रक्षकों का साहित्य है। इसके संचालन के लिए पूर्णकालिक डॉक्टर भी हैं। प्रति वर्ष 1000 या इससे अधिक रोगियों का उपचार करनेवाले आरोग्य रक्षकों के गुणात्मक विकासार्थ "प्रगति वर्ग" का आयोजन किया जाता है। अब तक 500 आरोग्य रक्षक इस क्षेत्र में विशेष निपुणता प्राप्त कर चुके हैं।

आरोग्य रक्षक जहां रहते हैं उस गांव में और कई संगठनात्मक काम भी शुरू हैं। 170 गांवों में महिलाएं 'आरोग्य रक्षक संस्कार केंद्र' चला रही हैं। आतंकग्रस्त क्षेत्र में भी आरोग्य रक्षक का विरोध नहीं होता। उत्तर-पूर्वांचल के अलावा देश के अन्य प्रांतों में भी आरोग्य रक्षक योजना कार्यरत है।

सम्पर्क
सेवा भारती मेघालय
द्वारा शांति मर्विन
र्‍हायनो लास्ट स्टॉप रोड,
पानी टंकी के समीप,
लबान, शिलाँग
79 30 04
मेघालय (भारत)
दूरभाष0364- 2221120
मोबाल : 09436119157
ईमेल[email protected]


कैसे पहुँचे ? 
हवाई मार्ग : शिलाँग का उमरोई हवाई अड्डा केवल कोलकाता से जुड़ा है। समीप का हवाई अड्डा 100 कि.मी. दूर गुवाहाटी में है। भारत के सभी प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग गुवाहाटी से जुडा है।

रेल मार्ग : गुवाहाटी रेलवे स्टेशन शिलाँग से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। गुवाहाटी का पलटन बाजार रेलवे स्टेशन उत्तर-पूर्व फ्रन्टियर रेल मार्ग का प्रमुख स्टेशन है।

सड़क मार्ग : गुवाहाटी सड़क मार्ग से भी शिलाँग पहुंच सकते हैं। इसके लिए राज्य परिवहन की नियमित बस सेवा भी उपलब्ध है।

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