उत्तराखंड में संघ और साधना केंद्र के सहयोग से पुनर्वास कार्य

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स्रोत: VSK-Uttaranchal      तारीख: 14 Sep 2013 21:01:18

undefinedदेहरादून, सितम्बर 14 : उत्तराखंड में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए कार्यरत उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति द्वारा किए जा रहे आपदा राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिए तथा कार्यों का निरीक्षण करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख सुहासराव हिरमेठ उत्तराँचल के त्रिदिवसीय प्रवास पर थे। 

3 सितम्बर को प्रात: देहरादून पहुंचते ही सुहासराव सहायता कार्यों का निरीक्षण करने चल पड़े। यह प्रवास आसान नहीं था। अत्यंत घातक प्रवास कर वे टिहरी जिले में कोटि कॉलोनी सरस्वती विद्या मन्दिर पहुंचे। वहाँ उन्होंने केदारघाटी के आपदाग्रस्त परिवारों के विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे छात्रावास का उद्घाटन किया। 

आपदा राहत एवं पुनर्वास योजना के दूसरे चरण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रेरित उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति के द्वारा विभिन्न प्रकार के सेवा प्रकल्प- विशेष कर शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलम्बन के क्षेत्र में शुरू किए गये हैं। इसके साथ ही उपयोग की आवश्यक वस्तुऐं जैसे राशन, वस्त्र, सौर ऊर्जा लालटेन इत्यादि वितरित किए जा रहे हैं। 

अब तक संघ के द्वारा जो प्रकल्प शुरू किए गये हैं उनमें तीन छात्रावास गुप्तकाशी, देहरादून और कोटि कॉलोनी हैं। जिन में कक्षा 6 से 12 के छात्रों को रखा गया है। इन छात्रों के लिए रहने, भोजन, कपड़े तथा शिक्षा की सभी व्यवस्थायें नि:शुल्क है। 

स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु उखीमठ तहसील में तीन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र- नारायण कोटि, नागजगई और अन्द्रवाड़ी गांव में प्रारम्भ की गई हैं, जहा आपदाग्रस्त गाववासियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। 

साधना केंद्र की सहायता

undefinedउत्तराखंड में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों के स्वावलम्बन की दृष्टि से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और साधना केंद्र के सहायता से तीन सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ किये हैं। यह प्रशिक्षण केंद्र उखीमठ तहसील के त्रियुगी नारायण, चन्द्रापुरी तथा डडोली गांवों प्रारम्भ किये हैं। उद्घाटन समारोह में साधना केन्द्र के ट्रस्टी एवं निदेशक पूज्य स्वामी प्रेम विवेकानन्द जी तथा रा. स्व. संघ उत्तराचंल के प्रान्त कार्यवाह लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल उपस्थित थे। उत्तराखंड के सह प्रान्त सेवा प्रमुख सुनील कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

इसी सप्ताह त्रियुगी नारायण तथा राउलेंक ग्राम में दो कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र का भी उद्घाटन स्वामी प्रेम विवेकानन्द तथा लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल द्वारा किया गया। निकट भविष्य में एक चिकित्सा केन्द्र उनियाना गांव में तथा एक सचल चिकित्सा गाड़ी (डाक्टर, फार्मेसिस्ट तथा आवश्यक उपकरणों से युक्त) प्रदान की जायेगी। 

सुहासराव हिरमेठ ने तीनों छात्रावास का निरीक्षण किया, छात्रों से वार्ता की और कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश दिये। सेवा प्रमुख ने कुछ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का भी अवलोकन किया तथा आपदाग्रस्त परिवारों से भी मिलने गये। 

यह अत्यन्त ही प्रेरणादायी है कि पूज्य स्वामी प्रेम विवेकानन्द ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चलाये जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोगात्मक हाथ बढ़ाया है। साधना केन्द्र ने दस कम्प्युटर्स (इन्वर्टर, प्रिन्टर्स इत्यादि सहित) तथा दस सिलाई मशीन (इलैक्ट्रीक प्रेस, कैंची इत्यादि सहित) दान दी है। इसके अतिरिक्त उन्होंने संघ कार्यकर्ताओं के सहयोग से 1800 सौर ऊर्जा लालटेन भी 40 गांवों में वितरित किये। अभी तक उखीमठ तहसील तथा रुद्रप्रयाग जिले के कई गांवों में अन्धेरा छाया हुआ है, क्योंकि बहुत से क्षेत्रों में विद्युत, दूरसंचार तथा यातायात सुविधा पूरी तरह ध्वस्त है। 

साधना केन्द्र  ने संघ के सहयोग से जो छात्र निर्धनता के कारण अध्ययन जारी रखने में असमर्थ हैं ऐसे 100 निर्धन छात्रों को 1000 रु. प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने का भी निर्णय किया है। इसके अतिरिक्त संघ तथा साधना केन्द्र भविष्य में भी भिन्न-भिन्न प्रकार से सहायता जारी रखेंगे।


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