स्वास्थ

मेघालय में सेवा भारती की आरोग्य रक्षक योजना

आरोग्य रक्षक स्वयंसेवी भाव से काम करते हैं, इन्हें कोई मानधन नहीं दिया जाता। उनके पास एक बैग में आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक तथा एलोपैथिक दवाइयां हमेशा रहती हैं।..

डॉ. पटवर्धन स्मृति रुग्णालय, पनवेल

आज अत्यधिक शुल्क के कारण आधुनिक आरोग्य सुविधाओं का लाभ लेना सामान्य लोगों के लिए असंभवसा हो गया है। ऐसी परिस्थिति में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल स्थित डॉ. पटवर्धन स्मृति रुग्णालय ने ग्रामीणों के लिए अत्यल्प शुल्क में ही यह सुविधा उपलब्ध करा दी है।..

स्वामी विवेकानन्द मेडिकल मिशन, वायनाड

केरल प्रांत के वायनाड जिले के अविकसित, पहाड़ी, वनवासी क्षेत्र में आदिम समाज के उपेक्षित लोगों की मदत करके उन्हें इस अवस्था से बाहर निकालना यह स्वामी विवेकानन्द मेडिकल मिशन प्रकल्प का प्रथम उद्देश्य बन गया और उस दिशा से मिशन के कार्यकर्ताओं ने अपना काम शुरू कर दिया।..

संवेदनाओं का प्रगट रूप है- स्वीकार संस्था

अपने में ही उलझे, मस्तिष्क रोग से पीड़ित, मतिमंद और अन्य दृष्टि से विकलांगों के अभिभावकों की संस्था है - "स्वीकार"..

सक्षम : दृष्टिहीनों को दृष्टि देने वाली संस्था

सक्षम का पूर्ण रूप है - समदृष्टि क्षमता विकास और अनुसंधान मंडल - यह संस्था केवल दृष्टिहीनों का आधार ही नहीं बनती, तो उनके सर्वांगीण विकास का काम भी करती है...

श्री गुरुजी रुग्णालय, नाशिक

महाराष्ट्र राज्य के वनवासी बहुल नाशिक क्षेत्र के कुछ समविचारी डॉक्टरों ने सामूहिक प्रयत्नों से रा. स्व. संघ के द्वितीय सरसंघचालक गोलवलकर गुरुजी के स्मृती में ‘श्री गुरुजी रुग्णालय’ नाशिक में शुरू किया.....

औरंगाबाद का डॉ. हेडगेवार रुग्णालय : मानवता का स्पर्श

सात डॉक्टर साथ मिलकर एक अत्याधुनिक रुग्णालय बीस वर्ष तक सेवा भाव से चलाए तो इसे सेवा भाव का अनुपम आदर्श ही कहना चाहिए. औरंगाबाद के ने डॉ. बाबासाहब आंबेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान के माध्यम से उन्होने यह क.....

डॉ. आबाजी थत्ते रुग्णोपयोगी साहित्य सेवा केन्द्र, अकोला

लंबे समय तक चलनेवाले इलाज में रुग्णों को दवाईंयों के साथ कई बार कुछ विशिष्ट साधनों की भी आवश्यकता होती है| ऐसे कई साधन - व्हील चेअर, सर्जिकल बेड या वॉटर बेड - बहुत महँगे होते है..

वनवासियों का ‘आरोग्यदूत’ चलचिकित्सालय, गडचिरोली

वनवासी बहुल गडचिरोली जिले में नक्षलवादीयों की शासकीय सुधार विरोधी मुहीम के कारण सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाना भी एक समस्या है; ऐसी कठिन स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवासमिति ने चल.....

एड्स के रुग्ण बालकों का घर : ‘पालवी’

वे दोनों भी एड्स की रुग्ण थी; इसलिए उनके रिश्तेदारों ने उन्हें सबसे अलग, जानवरों के बाड़े में छोड दिया था| कभी-कभी, कोई उनके लिए दूर से ही खाना रख देता था| मंगलाताई उन बच्चीयों को अपने साथ ले आई| ..

जनकल्याण समिति का ‘ग्राम आरोग्य रक्षक प्रकल्प, तापोळा’

दुर्गम स्थानों के साथ, बहुत छोटे, सामान्य गॉंवों में भी आरोग्य की प्राथमिक सुविधाएँ उपलब्ध होनी चाहिए, इस हेतु से जनकल्याण समिति ने इस तापोळा गांव में ‘ग्राम आरोग्य रक्षक प्रकल्प’ आरंभ किया है|..

रुग्णों की सहायता करती थालसेमिआ वेलफेअर सोसायटी

अमृतसर की थालसेमिआ वेलफेअर सोसायटी, थालसेमिआ के रुग्णों के उपचार के लिए, वहॉं के गुरुनानक देव रुग्णालय में अनूठा काम कर रही है| ..

दुर्धर व्याधिग्रस्तों का आश्‍वस्त शुश्रुषा केन्द्र

आग में झुलसे घायल, अस्थिव्यंग, लकवे के शिकार, स्मृतिभ्रंश, पार्किन्सन तथा कोमा में गये रुग्णों की देखभाल, नागपुर का आश्‍वस्त शुश्रुषा केन्द्र करता है|..

सावित्रिबाई फुले महिला एकात्म समाज, औरंगाबाद

    सात लोगों की सतरंगी संस्थासेवाभाव एवम् लोककल्याण पर आधारित माना जानेवाला डॉक्टरी व्यवसाय भी जागतिक व्यापारीकरण की चपेट में आने के कारण, सामान्य लोगों के मन में  डॉक्टरों क.....

नाना पालकर स्मृति समिति सेवा सदन, परेल (मुंबई)

कर्क रोग (कँसर) के उपचार का खर्च बहुत अधिक होता है| मुंबई में टाटा, केईएम, नायर जैसे रुग्णालयों में कर्क रोग के रुग्णों का उपचार रियायती शुल्क में किया जाता है; लेकिन इस शुल्क की राशि भी काफी अधिक हो .....

सोसायटी फॉर द वेलफेअर ऑफ डिफरंटली-एबल्ड पर्सन्स ऍण्ड रिसर्च सेंटर, पुणे

पुणे की ‘सोसायटी फॉर द वेलफेअर ऑफ डिफरंटली-एब्ल्ड पर्सन्स ऍण्ड रिसर्च सेंटर’ १९५६ से अस्थि विकलांगों की सहायता और पुनर्वसन के लिए काम कर रही है| उल्लेखनीय है कि, भारत में इस प्रकार का काम करनेवाली यह एकमात्र संस्था है| ..

छत्तीसगढ के वनवासियों को ‘प्रेरक’ स्वास्थ्य-सेवा

‘प्रेरक’ द्वारा इस क्षेत्र में विविध आरोग्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गयी है, जिससे यहॉं के वनवासी भाइयों को एक अच्छा, स्वस्थ जीवन जीने को मिल रहा है| उसी प्रकार इन वनवासी भाइयों को समाज की मुख्य धारा में लाकर उन्हें एक सन्माननीय स्थिती देने के लिए भी ’प्रेरक’ क..

विकास भारती का झारखंड आरोग्य प्रकल्प में सहयोग

विकास भारती राज्य के विविध सरकारी विभागों के सतत संपर्क में रहती है और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर, उन योजनाओं को कार्यांवित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करती है|..

आरोग्य चेतना, बंगलोर

आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछड़े विद्यार्थी आरोग्य सुविधा के अभाव में अनेक रोग के प्रभाव में आते हैं और आगे चलकर प्रतिकार क्षमता कम होने से कुपोषण के शिकार होते है| इन बच्चों के लिए, श्रीमती गिरिजा शास्त्री स्मृति ट्रस्ट ‘अदम्य चेतना प्रकल्प’ अंतर्गत आर..

डॉ. आंबेडकर वनवासी कल्याण ट्रस्ट द्वारा वनवासियोंकी स्वास्थ्य रक्षा

डॉ. आंबेडकर वनवासी कल्याण ट्रस्ट सूरत शहर के १० झुग्गी झोपडियों में रहनेवाले १ हजार से अधिक वनवासी परिवारों को अपने सेवाव्रती स्वयंसेवकों के सहायता से स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहा है|..

पुष्पगिरी नेत्र संस्थान, सिकंदराबाद

आंध प्रदेश राज्य के सिकंदराबाद में, नेत्र रोगों के निदान और उपचार के लिए पुष्पगिरी नेत्र संस्थान सुसज्ज है| अन्यत्र, अत्यंत खर्चीले, जटिल नेत्र रोगों के उपचार भी यहॉं सामान्य लोगों के लिए नाममात्र शुल्क में उपलब्ध है|..

दीनदयाल उपाध्याय विकलांग पुनर्वसन संस्था

१९७६ में स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित, पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंस्टिट्यूट फॉर फिजिकल हँडिकॅप्ड, विकलांगों के उपचार एवं पुनवर्सन का काम कर रही है| विकलांगों को, पुनर्वसन के लिए सर्वंकष सेवा देने के हेतु से, पचास के दशक के उत्तरार्ध में स्वर्गीय निरंक..

दीनदयाल रुग्णालय : न्यूनतम् शुल्क पर अतिविशेष आरोग्य सेवा

पुणे के दीनदयाल स्मृति रुग्णालय में विविध बीमारियों पर विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध है| सामान्य एवं आर्थिक पिछड़े लोगों को न्यूनतम् शुल्क पर विशेष आरोग्य सेवा देने के उद्देश से १९८७ में यह रुग्णालय स्थापित किया गया है| ..

एस-व्हीवायएएसए, बंगलोर : शैक्षिक स्तर पर योग शिक्षा

२१ वी सदी में आधुनिक जीवनशैली में जीवनयापन करनेवालों को शैक्षिक स्तरपर योग शिक्षा प्राप्त हो, इस हेतु से बंगलोर में स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान का अभिमत विश्‍वविद्यालय कार्य कर रहा है| ..

शबरी सेवा समिति, कर्जत

कुपोषण के सही कारण खोजकर, उनका हल ढूंढने से ही यह समस्या समाप्त की जा सकती है; इस भूमिका से शबरी सेवा समिति ने सन् २००३ से महाराष्ट्र के जव्हार, मोखाडा, कर्जत. नंदुरबार इन वनवासी बहुल तहसील में कार्य आरंभ किया| ..

विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान, बंगलोर

आरोग्य के लिए योग की उपयोगिता परखकर विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान (व्हीवायएएसए) ने योग को समाज के लिए प्रासंगिक विज्ञान बना दिया है|..

वरदान नेत्र चिकित्सालय, गाजियाबाद

कुछ लोगों ने १९९४ में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में वरदान सेवा संस्थान, धमार्थ संस्था पंजीकृत की और नेत्र शिबिर लेकर नेत्र उपचार से नेत्र शल्यक्रिया तक की सेवा आरंभ की..

नेत्रहीनों का सहायक सेवाभारती का ‘मनोनेत्र’

भारत में करीब देड करोड नेत्रहीन है| योग्य प्रशिक्षण और शिक्षा देने पर ये नेत्रहीन कई काम कर सकते है; यह बात ध्यान में रखकर सेवाभारती का मनोनेत्र प्रकल्प काम कर रहा है|..

जनकल्याण रक्तपेढी (नासिक)

१९८९ से यह रक्तपेढी अल्प शुल्क में रुग्णों को सेवा दे रही है| इसके लिए स्वयंसेवक वर्ष भर, विविध अवसरों पर, सरकारी रक्तपेढी या आयएमए (इंडियन मेडिकल असोसिएशन) की सहायता से रक्तदान शिबिर आयोजित करते है| रक्तदाओं की सूची भी तैयार की गई है|..

धनवंतरी वैद्यकीय सहायता केन्द्र, भैन्सा

धनवंतरी वैद्यकीय सहायता केन्द्र में दिमागी बुखार जैसी खतरनाक बिमारी, टीबी, कुष्ठरोग जैसी बिमारी और कॅन्सर, एड्स जैसी जानलेवा बिमारीयों का भी निदान एवं संभव इलाज भी किया जाता है|..

आदिवासी बेडों में नेत्र ज्योति प्रदान कर रहा है मोहन ठुसे नेत्र अस्पताल

दुर्गम पहाडियों में बिखरे, सेकडों दुर्लक्षित और आज भी पिछडे हुए ग्रामों में रहने वाले आदिवासियों को मोहन ठुसे नेत्र चिकित्सालय एवं रिसर्च इन्स्टिट्यूट’ द्वारा दी जानेवाली नेत्र चिकित्सा सेवा अचंभित करने वाली है| एक महिने में २२ दिन नि:शुल्क चिकित्सा शिबिर..

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