साक्षात्कार एव लेख

उपयोगी शिक्षा की आवश्यकता : अशोक भगत

किसी भी राज्य का विकास वहां के संसाधन एवं लोगों पर आधारित होता है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड में उपलब्ध संसाधन, विकास की धुरी नहीं बन पाए। इस कारण विकास की प्रक्रिया गति धीमी रही है।..

समर्पणभाव से की गई सेवा ही ईश्वरीय कार्य है : बाबूराव राजे

ईश्वरीय कार्य में छोटा कार्य या बड़ा कार्य इस प्रकार का भेद नहीं होता, उसी प्रकार सेवा को भी कभी छोटी सेवा या बड़ी सेवा के रूप में नहीं देखा जाता। वह सिर्फ सेवा ही है समाज की, और वह कार्य होता है ईश्वर का। ..

ब्रह्मपुत्र के माजुली द्वीप का मराठी शिक्षक

आज रवि सर असम में दिब्रुगढ़ के विवेकानंद केन्द्र के विद्यालय में प्राचार्य है. कभी असम जाना हुआ तो रवि सर और पूर्वा दीदी से अवश्य मिले. मराठी आदमी का सिर गर्व से ऊँचा हो ऐसा काम वे देश के लिए कर रहे है...

पूर्वांचल कन्या छात्रावास का रजत महोत्सव

‘भिन्न भाषा भिन्न वेष फिर भी हमारा एक देश’ इस उक्ति का यह छात्रावास जिवंत उदाहरण है. यह भारत का एक छोटा प्रातिनिधिक रूप है ऐसा कहा जा सकता है...

गुरुकुल के कारण हुई आयआयटी की पढ़ाई

और एक दिन भागलपुर गुरुकुल शिक्षा संस्थान के दो लोग वरुण के घर आये और कहा, संस्थान वरुण की पढ़ाई की नि:शुल्क व्यवस्था करना चाहता है! ..

सेवा भारती ने दी पुष्पा के जीवन को दिशा

चौदह वर्ष की पुष्पा को नई राह दिख गई. उसने तीसरी कक्षा में प्रवेश लिया; अधूरी छूटी पढ़ाई फिर शुरु हुई. ..

पर्सिस्टंट फाऊंडेशन : सामाजिक दायित्व का आत्मभान

पिछले करीबन तीन वर्षों से पर्सिस्टंट फाऊंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज विकास के क्षेत्र में काम कर रहा है|..

डॉ. प्रसाद देवधर और विलास हडकर का ग्रामविकास

कोंकण में प्रसाद देवधर से प्रेरणा लेकर काम करने वाले कुछ समूह खड़े हो रहे हैं. मुंबई न जाकर, गॉंव में रहकर ही अपने परिवार के लिए प्रगति का नया मार्ग अपनाकर, युवकों की पीढ़ी संघर्ष में जुटी में है...

सेवा कार्य की मूलगामी नीतियॉं

‘सब के लिए एक, और सब की एकात्मता’ यह भावना हर व्यक्ति में और समाज के हर वर्ग में गहराई से जगेगी, तब ही स्थायी स्वरूप का परिवर्तन होगा...

हिंदू सेवा प्रतिष्ठान के श्रीधर सागर जी से बातचित

श्रीधर सागर जी ने सेवा की संकल्पना, हिंदू सेवा प्रतिष्ठान के विविध प्रकल्प, सेवा-मूल्य की जानकारी दी है| ..

भारत को क्या हुआ?

हम तो संस्कृत भाषा ही सिखाने और सीखने के लिए तैयार नहीं है. फिर भारत, भारत रह पाएगा? या इरान और ग्रीस की आज जो स्थिति है, वही कल हमारी होगी?..

सेवा भी, संस्कार भी... अनसूया जी खोसा (प्रकल्प प्रभारी, सेवा भारती, जम्मू-कश्मीर)

अनसूया जी खोसा (प्रकल्प प्रभारी, सेवा भारती, जम्मू-कश्मीर) से बातचीत..

जम्मू-कश्मीर के जनजीवन में ‘सेवा भारती’ का बढता ताना-बाना

श्री. जयदेव जी (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रांत सेवा प्रमुख) से बातचीत..

युवा हिंदुस्थान का नेतृत्व कैसा हो?

युवकों के नेतृत्व का विचार करने के पूर्व ‘युवा’ माने कौन, इसका प्रथम विचार होना चाहिए| ..

नागालैंड में स्वदेशी शिक्षा के लिए प्रयासरत ‘तसिले एन जेलियांग’

नागालैंड में शिक्षा के विकास और समाज के उन्नयन के लिए कार्यरत, राष्ट्र सेविका़ समिति से जुडीं और नागा भूमि पर सरकारी शिक्षक का पद त्याग कर विद्या भारती विद्यालय से सम्बद्ध हुईं सुश्री तसिले एन जेलियांग भारतीय चेतना की ध्वजवाहक बनी हुई हैं.....

विधायक बना वनवासी सेवक : फूलचंद जैन

वनवासी भाइयों के लिये कुछ करना ही उनके जीवन का ध्येय बन चुका| और मध्यप्रदेश विधानसभा के विधायक पद को छोड फूलचंद जी जैन वनवासी कल्याण के अपनेही लक्ष्य की ओर बढ चले| ..

Back to top