सामाजिक

निराधार मनोरोगियों का अपना घर ‘श्रीकृष्ण शांति-निकेतन’

मनोरोगियों का पुनर्वसन कर रही चंद स्वयंसेवी संस्थाओं में नागपुर के बेलतरोडी गांव में स्थित ‘श्रीकृष्ण शांति-निकेतन’ का नाम अवश्य लिया जाएगा| इस शांति-निकेतन की संचालक दम्पति- प्रमोद राऊत और उनकी धर्मपत्नी प्रज्ञा राऊत इन निराधार मनोरोगियों के माता-पिता बनकर उनकी सेवा कर रहे हैं, उनके पुनर्वसन का कर रहे हैं|..

अरुण ज्योति का ‘विवेक-स्पर्श’

‘संस्कृति के साथ विकास’ इस विचार पर केन्द्रित शिक्षा प्रणाली के अनुसार विवेकानन्द केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश के लिए एक विस्तृत सामाजिक कार्यक्रम- ‘अरुण-ज्योति प्रकल्प' तैयार कर उसे कार्यान्वित किया है|..

परित्यक्त शिशुओं के लिए आशा की किरण "मातृछाया"

‘अनचाहे, परित्यक्त शिशुओं के लिए आशा की किरण' इस प्राणस्वर पर आधारित मातृछाया संस्था पिछले 15 वर्षों से कार्यरत है। सूने आंगन में किलकारियाँ गूंजने में भी इस संस्था का महत्त्वपूर्ण योगदान है।..

जहांगीरपुरी में सेवा का वटवृक्ष

जहांगीरपुरी में सेवा भारती द्वारा बालवाड़ी, बालसंस्कार, सिलाई केन्द्र तथा आरोग्य जांच केन्द्र चलाये जाते हैं। साथ ही यहां पहली से आठवीं कक्षा तक बालकों के लिए शिक्षा की व्यवस्था है।..

मुंशीराम कॉलोनी, दिल्ली का बस्ती विकास केंद्र

मुंशी राम कॉलनी में रहने वाले, आर्थिक दृष्टी से अत्यंत दयनीय लोग, अपना तथा अपने बच्चों के स्वास्थ व शिक्षा का भार संभालने में सक्षम नहीं हैं। अतः उनकी इस परिस्थिति को सुधारने के लिए सेवा भारती ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है।..

राष्ट्रीय सर्वांगीण ग्रामविकास संस्था, मुळशी

मुळशी परिसर (महाराष्ट्र) की दुरवस्था दूर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता प्राध्यापक अनिल व्यास ने यहॉं के ग्रामीण लोगों के लिए सेवा प्रकल्प चलाने का निश्‍चय किया...

परिवर्तन महिला संस्था, टिटवाळा

समाज की दोगली नीति की बलि चढी माता-भगिनीं के लिए, उनको आधार देने के लिए परिवर्तन महिला संस्था प्रारंभ हुई है. इस संस्था के कुल दस प्रकल्प है. ..

दीनदयाल शोध संस्थान, बीड

गोंडा, चित्रकुट के बाद महाराष्ट्र के बीड जिले में भी दीनदयाल शोध संस्थान ने कार्य आरंभ किया है. आज बीड जिले में खेती, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में काफी काम हुआ है...

विजया परिवार नागपुर : असहाय, वृद्ध रुग्णों का शुश्रुषालय

नागपुर के डॉ. शशिकांत रामटेके असहाय्य, दुखी, निराधार, वृद्ध लोगों को अपने शुश्रुषालय में लाते है और उन्हें स्नेहपूर्ण जीवन प्रदान करने का प्रयास करते है...

चाईल्ड लाईन १०९८, जम्मू-काश्मीर

आपने किसी बच्चे के सहायतार्थ चाईल्ड लाईन को किया हुआ एक फोन भी उसकी दुनिया बदल सकता है| ..

पारधी जनजाती को नागर बना रही है प्रज्ञा प्रबोधिनी, अमरावती

महाराष्ट्र के अमरावती की प्रज्ञा प्रबोधिनी ने केवल पारधीयों के विकास के लिए काम नही किया, बल्की इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, पारधियों के विकास कामों का संचालन भी पारधी समाज के शिक्षित लोगों का सौ.....

नकारे और अनाथों का घर, अहमदनगर का स्नेहालय

समाज ने नकारे या अनाथों का घर है अहमदनगर का ‘स्नेहालय|’ यहॉं शरण आनेवाले हर एक की सहानी अलग-अलग है; कोई लालबत्ती एरिया से भेजा गया है, कोई एड्स का रुग्ण है, तो कोई अनाथ|..

सह्याद्रि आदिवासी बहुविध सेवा संघ, देवबांध

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ज्येष्ठ कार्यकर्ता मोरोपंत जी पिंगळे द्वारा देवबांध इस छोटे गॉंव में ‘सह्याद्रि आदिवासी बहुविध सेवा संघ’ के माध्यम से आरंभ किया सेवाकार्य गत अनेक वर्षों से वसंतराव साठे सफलतापूर्वक चला रहे है| ..

श्‍वेता पुणे की कोढ़ के बारे में जनजागृति

पुणे की श्वेता असोसिएशन ने कोढ़ के बारे में जनजागरण कर, इसके संदर्भ में उत्पन्न गलतफहमियॉं दूर करने का काम शुरू किया है|..

चंद्रपुर में निराश्रित बालकों का ‘आश्रय’ छात्रावास

चंद्रपुर में के ‘आश्रय’ में रहनेवाला एक बच्चा गणेश शंकर पार्वते नाम से पहेचाना जाता है| पहेचाना जाता है मतलब उसका मूल नाम पता ही नहीं है! राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन चंद्रपुर विभाग प्रचारक को वह गणेश चतुर्थी को मिला| उसके माताˆपिता का ..

पीडित स्त्रियों का आधार; चैतन्य महिला मंडल, पुणे

पुणे के पास भोसरी में ‘चैतन्य महिला मंडल’की स्थापना हुई; और छोटे बच्चें तथा महिलाओं की सहायता के लिए काम शुरू हुआ| समाज द्वारा प्रताडित, अपराध जगत के राह की कगार पर पहुँची महिलाओं को पुलिस यहॉं लाकर छोडती है|..

ग्रामीणों की सेवा में सेवा भारती, पेरूरकडा

केरल में सेवा भारती के पेरूरकडा प्रकल्प द्वारा आरोग्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ठोस कार्य ने रोजगार, उपचार और शिक्षा के खोज के लिए ग्रामवासियों का शहरों में होनवाला स्थानांतरण रोक दिया है| ..

भाऊराव देवरस सेवा न्यास मध्य प्रदेश

भाऊराव देवरस सेवा न्यास वनवासी विकास प्रकल्प के अंतर्गत न्यास द्वारा संस्कार केन्द्र, एकल विद्यालय और अन्य उपक्रम चलाएँ जाते है|..

कन्हानगड (केरल) में सेवाभारती के विविध उपक्रम

केरल के सुदूर कसारगोड जिले में बसे दुर्लक्षित वनवासी और पिछडे वर्ग के उत्थान के लिए कन्हानगड से सेवाभारती द्वारा विविध उपक्रमों का परिचालन किया जा रहा है| जात, धर्म, वर्ण आदि किसी भी प्रकार का भेदभाव न रखते हुए सेवाभारती निःस्वार्थ रूप से यह कार्य कर रही ..

वनवासी सेवा केन्द्रम् के समाजोत्थान उपक्रम

तमीलनाडु के वनवासियों के कल्याण हेतु अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संलग्नित वनवासी सेवा केन्द्रम् तमीलनाडु में १९८० से कार्य कर रहा है| सालेम जिले के पहाडी क्षेत्र कालर्यम में करुमनदुराई से यह काम आरंभ किया गया| धीरे-धीरे इस काम विस्तार होता गया और आ..

मानव सेवा प्रतिष्ठान के बंगाल वनवासीयों में सेवा-प्रकल्प

पश्‍चिम बंगाल में वनवासियों के उत्थान के लिए ‘मानव सेवा प्रतिष्ठान’ निःस्वार्थ भाव से बडा ही सराहनीय कार्य कर रहा है|..

डॉ. आंबेडकर वनवासी कल्याण ट्रस्ट, सूरत

गुजरात के सूरत शहर में डॉ. आंबेडकर वनवासी कल्याण ट्रस्ट, वनवासी युवकों को शिक्षा के साथ साथ स्वयं- रोजगार भी उपलब्ध कराते हुए वनवासी के विकास का कार्य कर रहा है|..

मानव सेवा प्रतिष्ठान के समाजसेवी प्रकल्प

पश्‍चिम बंगाल का मानव सेवा प्रतिष्ठान १९९५ से बाल शिक्षा और आरोग्य के क्षेत्र में कार्यरत है| प्रतिष्ठान के आमता, भगवानपूर, फरक्का, गंगासागर के प्रकल्पों में यह काम निष्ठा से चल रहा है|..

केशब सेवा केंद्र, कोलकाता

केशब सेवा केंद्र, कोलकाता पिछले १७ वर्षों से वनवासी और पिछडे समाज के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील है| शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार इन क्षेत्रों में और इन देशबांधवों के जागृती के लिए केशब सेवा केंद्र अविरत कार्यरत है| उसी प्रकार हावडा में एक अनाथालय भी केशब ..

‘विद्यानिधी’ द्वारा त्सुनामीग्रस्तों के लिए आरोग्य सुविधा, व्यवसायप्रशिक्षण

तमीलनाडू के विद्यानिधी ट्रस्ट ने त्सुनामिग्रस्त गांवों में तुरंत पहुँचकर त्सुनामिग्रस्त लोगों को आरोग्य सुविधा प्रदान की है| कई जगह अस्पताल शुरू किये गये| आज भी दूरदराज गांवों में घूमते (मोबाईल) अस्पतालोंद्वारा सर्व प्रकारकी आरोग्य सुविधा पहुँचानेका काम क..

ग्रामीण युवा प्रागतिक मंडल, भंडारा

भारत के ग्रामीण भागों में रहने वाली युवा शक्ति को सक्षम बनाया गया, तो वे ग्रामीण भारत का संपूर्ण चित्र ही बदल सकते हैं| इसी विचार से ‘ग्रामीण युवा प्रागतिक मंडल’ ने अपना कार्य आरंभ किया है और वे लक्ष्यपूर्ती की ओर गतिमान हुए है| ..

वनवासीयों के सांस्कृतिक उत्थान में जुटी शबरी सेवा समिति

दुर्लक्षित एवं नागरी सुविधाओं से वंचित वनवासी क्षेत्र में आरोग्य और शिक्षा की सेवा उपलब्ध करा देते समय ही, वनवासी प्रगत नागरी समाज के साथ एकरूप हो, इसलिए भी शबरी सेवा समिति कार्यरत है| ..

वनवासी कल्याण केंद्र, डहाणु

जीवनावश्यक जरूरतों की आपूर्ती से दूर वनवासी समाज को मुख्य धारा में लाकर उनका सर्वोपरि उत्थान करने का बहुमोल कार्य महाराष्ट्र में वनवासी कल्याण केंद्र कर रहा है|..

भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, चाम्पा

सदाशिवराव कात्रे ने, कुष्ठरोगीयों के प्रति समाज का छुआ-छूत, उपेक्षा और घृणा का व्यवहार स्वयं भोगा था| अपने जैसे कुष्ठरोगीयों को स्वावलंबी जीवन जीने का अवसर मिले, इस हेतु से उन्होंने चांपा में एक बस्ती बसाई| यहीं प्रकल्प आज भारतीय कुष्ठ निवारक संघ नाम से ज..

मातृशक्ति : निराश्रित महिलाओं के लिए ममता भरी छॉंव

‘समाज की सेवा ही सही मायने में परमेश्‍वर की पूजा है’ यह भावना मन में रखकर समाज में निराश्रित लडकियों और महिलाओं के सिर पर ममता भरी छॉंव धरने का महत्त्वपूर्ण काम ‘मातृशक्ति’ यह स्वयंसेवी अशासकीय संस्था पिछले देढ दशक से कर रही है|..

सुराज्य सर्वांगीण विकास प्रकल्प, पुणे

येरवडा, पुणे के सेवाबस्ती में आर्थिक विपन्नता के साथ शिक्षा, नैतिक शिक्षा, सांस्कृतिक शिक्षा, आरोग्य जागृति का भी अभाव है| यहाँ सुराज्य सर्वांगीण विकास प्रकल्प के कार्यकर्ता सामाजिक उत्थान का काम कर रहे है| ..

एकात्म समाज निर्माण के लिए ‘जनकल्याण समिति, जामनगर’

जनकल्याण समिति, जामनगर समाज में आत्मविश्‍वास और आत्मनिर्भरता की भावना जागृत कर एकात्म समाज निर्माण करने का काम कर रही है| आज गुजरात के जामनगर और कच्छ जिले में समिति शिक्षा, आरोग्य, समाजकल्याण, और सांस्कृतिक क्षेत्र में काम रही है|..

भारतीय उत्कर्ष मंडल, खापरी

ग्राम विकास से राष्ट्रविकास होगा और ग्राम समृद्ध होगे, तो ही राष्ट्र समृद्ध होगा, इस सिद्धांत पर निष्ठा रखनेवाले कुछ लोगों ने ग्रामविकास के लिए ‘भारतीय उत्कर्ष मंडल’ की स्थापना की| मंडल ने नागपुर के समीप खापरी में सेवा, कृषि, ज्ञान, आरोग्य और संस्कार के क..

भगीरथ ग्राम विकास प्रतिष्ठान

रोजगार की खोज में, ग्रामीण क्षेत्र के युवकों का शहरों की ओर आकर्षण बढ़ने लगा है| ग्रामीण क्षेत्र की यह स्थिति बदलकर, उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए १९८७ मेंे भगीरथ ग्राम विकास प्रतिष्ठान की स्थापना की गई|..

माता बालक उत्कर्ष प्रतिष्ठान, सांगोला

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में सांगोला गॉंव के माता बालक उत्कर्ष प्रतिष्ठान ने देहातों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करा देने के लिए विविध उपक्र म आरंभ किए है| ..

अनाथ महिलाओं का आदर्श परिवार ‘अबलाश्रम’

महिला समाज की रीढ़ है| रीढ़ ही कमजोर होगी तो समाजव्यवस्था का ढ़ांचा ढहने में समय नहीं लगेगा| यही बात ध्यान में रखकर ‘अबलाश्रम’ अनाथ महिलाओं के पुनर्वसन में जुटा है| यह आश्रम, अनाथ महिलाओं के पुनर्वसन और देखभाल का काम जिस आत्मीयता से करता है| ..

श्री विवेकानंद महारोगी आरोग्य केन्द्रम्, राजमुंद्री

कुष्ठरोगीयों के उपचार और आवश्यक हो तो, उनके साथ, उनके परिवारों के भी पुनर्वसन का काम श्री विवेकानंद महारोगी आरोग्य केन्द्रम् करता है|..

निराधार बच्चों का बडा भाई : युथ फॉर सेवा

‘यूथ फॉर सेवा’ ये हिंदू सेवा प्रतिष्ठान की ऐसी निर्मिती है, जिसमे निराधार बच्चो को आधार, सम्मान और स्वावलंबी बनाने का सेवा कार्य होता है और संपन्न समाज की अंतर्मुख होनेवाली युवा पिढी को जीवन मे समाधानी होने का अनुभव भी मिलता है| ..

जव्हार वनवासी क्षेत्र चौतरफा विकास की ओर

विकास की मूलभूत सुविधाओं के अभाव का शाप भोग रहे जव्हार क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए प्रगति प्रतिष्ठान ने शिक्षा, आरोग्य, रोजगार के क्षेत्र में भी अनेक योजनाएँ आरंभ की है| यहॉं अस्वच्छता के कारण मच्छर और दूषित पानी एक बड़ी समस्या थी| इसलिए गॉंव सफाई के ..

इचलकरंजी में सेवा भारती के आरोग्य और शिक्षा प्रकल्प

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में, इचलकरंजी क्षेत्र के पिछड़े वर्ग की सहायता के लिए सेवा भारती, इचलकरंजी ने १९८९ में आरोग्य और शिक्षा प्रकल्प आरंभ किए| ‘नरसेवा ही नारायण सेवा है’ इस श्रद्धा से चलाए जा ..

खानाबदोश समाज के लिए यमगरवाडी आश्रमशाला

सामाजिक समरसता मंच ने, ‘भटके विमुक्त विकास प्रतिष्ठान’ के माध्यम से पारधीयों के साथ समाज के अन्य खानाबदोश घटकों को सामाजिक प्रगति की धारा में लाने का निश्‍चय किया| २ अक्टूबर १९९१ को इस प्रकल्प की स्थापना की गई| पारधीयों के साथ भिल्ल, वैदू, वडर, बहुरूपी, व..

‘वैदेही आश्रम’ : निराश्रित बालिकाओं के संस्कारित भविष्य का केन्द्र

निराश्रितों के जीवन को संसकारित एवं सुरक्षित भविष्य मिलना बहुत कठिन होता है| बालिकाओं के संदर्भ में तो यह समस्या और भी जटिल हो जाती है| ऐसी निराश्रित बालिकाओं के लिए सेवा भारती ने हैदराबाद में वैदेही आश्रम की स्थापना की है|..

श्री विवेकानंद आवासम्, भैन्सा

आन्ध्र प्रदेश के आदिलाबाद जिले में के भैन्सा के श्री विवेकानंद आवासम् में १८ अनाथ बच्चे रहते है| इन्हें जीवन में स्वावलंबी बनाने के लिये नियमित शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है|..

सेवा भारती, दिल्ली ने दिया ‘सम्मान’ का जीवन

पहले यहॉं के लोग उनके बच्चों को सेवा भारती के शिक्षा केन्द्र में भेजने के लिये तैयार नहीं थे, लेकिन आज ये बच्चे उच्च शिक्षा लेने की इच्छा व्यक्त करते है| सम्मान से जीना क्या होता है, अब वे अच्छी तरह से समझ चुके है| ..

आतंकवाद में अनाथ हुए बालकों का ‘गोपालधाम’

दिल्ली के पास ब्रह्मपुर, भोपुर (गाझियाबाद) में बसे गोपालधाम में विविध आपदाओं के कारण निराधार हुए बालकों के साथ, जम्मू-काश्मीर में, आतंकवाद के हिंसाचार में अनाथ हुए बच्चें भी रहते हैं|..

सेवा भारती तमिलनाडू के कुछ अनूठे प्रयोग

हर सप्ताह गुट के एक सदस्य के खेत में नि:शुल्क काम होते रहता है| इस प्रयोग ने यहॉं के अनेक किसानों को आर्थिक बचत के साथ आत्म निर्भरता एवं सामाजिक जीवन के लाभ का नया पाठ सिखाया है| ..

दीनदयाल पारधी विकास प्रकल्प

दुर्लक्षित और तिरस्कृत पारधी समाज को प्रगति के प्रवाह से जोडने के लिए १९९७ में दीनदयाल बहुउद्धेशीय प्रसारक मंडल की स्थापना की गई| इसके लिए संस्था ने अनेक उपक्रम आरंभ किए है|..

चेतराम पवार ने बारिपाडा को आदर्श बनाया

प्रगति और बढ़ती जनसंख्या के लिए संसाधन जुटाने के नाम पर वनसंपत्ति की हो रही लूट-खसोट रोकने के लिए सामाजिक सहयोग से संधारण का आदर्श नमुना महाराष्ट्र के धुलिया जिले में के साकरी तहसिल में बारिपाडा गॉंव ने प्रस्तुत किया है| वनवासी कल्याण आश्रम और जन सेवा फाऊं..

‘अरुणज्योति’ का ‘विवेक-स्पर्श’

‘विकास-संस्कृति के साथ साथ’ इस विचारधारा को संजोए अरुणाचल प्रदेश में नई शिक्षा प्रणालि लाने वाली विवेकानंद केंद्र की ‘अरुणज्योति’ अब इस राज्य के विकास पथ की प्रकाश शलाका बन चुकी है| ..

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