विशेष

साध्वी ऋतंभरा का ‘वात्सल्य ग्राम’

आश्रम में प्रवेश होते ही अनाथ या अनचाहा बच्चा वात्सल्य ग्राम परिवार का सदस्य हो जाता है। अब वह वह अनाथ नहीं कहलाता, उसे आश्रम में ही माँ, मौसी, दादा-दादी; सब रिश्तेदार मिल जाते हैं! यहाँ लाकर छोड़े गए प्रत्येक बच्चे का उपनाम परमानन्द रखा जाता है।..

दीनदयाल शेतकरी विकास प्रकल्प

दीनदयाल बहुउद्देशीय प्रसारक मंडल ने आत्महत्या करनेवाले किसानों के परिवारों की सहायता की और अन्य किसानों को खेती और खेती के साथ सहायक उद्योगों के लिए मार्गदर्शन करने की योजना बनाई। ..

छात्राओं के लिए 'मैत्रेयी गुरुकुलम्'

वैदिक काल में एक समय ऐसा था जब वेद विद्या में महिलाओं का सहभाग था। उसी परम्परा के संरक्षण व संवर्धन का ध्येय लेकर केवल छात्राओं के लिए हिंदू सेवा प्रतिष्ठान (कर्नाटक) के तत्त्वावधान में यह गुरुकुलम् चलाया जाता है।..

अकालग्रस्त शिरपुर गाँव का कायाकल्प

महाराष्ट्र के धुलिया जिले में शिरपुर नामक एक तहसील स्तर का गांव है। यह गांव भी कुछ वर्ष पूर्व अन्य अकालग्रस्त गांवों की तरह पानी के लिए तरस रहा था, लेकिन आज इसकी स्थिति बदल चुकी है।..

बिलासपुर का मातृछाया अनाथाश्रम

मातृछाया अनाथाश्रम के बच्चें 'काकू' (चाची) के आने की आहट पाते ही खुशी से उमड़ पड़ते हैं। ये काकू है, सुनंदा वैशंपायन। ..

प्लॅटफॉर्म ज्ञान मंदिर शाला, नागपुर

रेलवे पुलिस और विश्‍व हिंदू जनकल्याण परिषद ने इन बच्चों को सुसंस्कारित जीवन देकर, उन्हें रेलवे स्टेशन पर आवारा जीवन व्यतीत करते हुए अपराधों की दुनिया में फंसने के खतरे से बचा लिया है।..

पुणे का ‘माय होम इंडिया’

महाराष्ट्र के ‘माय होम इंडिया’ प्रकल्प ने पूर्वोत्तर से महाराष्ट्र में पढ़ने के लिए आनेवाले विद्यार्थियों को पुणे में निवास के लिए घर उपलब्ध करा दिया है।..

कुष्ठरोगियों के लिए आत्मनिर्भरता का द्वार है “दिव्या प्रेम सेवा मिशन”

कुष्ठ रोगियों की स्वास्थ सेवा और उनकी आत्मनिर्भरता के लिए 'दिव्य प्रेम सेवा मिशन' नामक संगठन पिछले 14 वर्षों से इस दिशा में कार्य कर रहा है।..

परमपूज्य माधव गो-विज्ञान अनुसंधान संस्थान, भीलवाडा

राजस्थान के भीलवाडा में स्थित परम पूज्य माधव गो-विज्ञान अनुसंधान संस्थान, समाज को गोवंश और पंचगव्य से होने वाले लाभों की जानकारी देकर गो-संगोपन में बड़ी भूमिका निभा रहा है...

एक शिक्षक ने बदला काकोडा गॉंव का रूप

एक शिक्षक ने काकोडा गॉंव सुधार के उपाय आरंभ किए. लोगों ने उन उपायों को सक्रिय प्रतिसाद दिया और आज यह गॉंव एक उपक्रमशील गॉंव का नमूना बन गया है. ..

मुंबई में मजदूरों को सस्ते घर : सतीश हावरे फाऊंडेशन

सतीश हावरे नाम के एक व्यक्ति ने, रिक्षा चालक, सब्जी-भाजी बेचने वाले, मजदूरी करने वाले लोगों को नवी मुंबई जैसे महानगर में, उनके स्वामित्व का घर देना संभव कर दिखाया है| ..

लद्दाख आपदा सहायता समिती

लद्दाख में बादल फटने की घटना और तबाही की सूचना मिलते ही वहॉं पहुँचनेवालों में सबसे पहले थे सेवा भारती जम्मू- कश्मीर और उसकी लद्दाख स्थित इकाई ‘लडाख फांदे त्सोगस्पा’ के कार्यकर्ता| इन कार्यकर्ताओं ने ढ.....

आदर्श गौ-सेवा अनुसंधान केन्द्र, अकोला

भोजन, औषधि और सौंदर्य प्रसाधनों में भी गाय से प्राप्त पंचगव्य - दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र - का बहुत महत्त्व है; इसके बारे में जनजागरण का काम भी यह केन्द्र करता है| ..

पर्यावरण दक्षता मंच, ठाणे

गत कुछ वर्षों से हो रहा पर्यावरण का र्‍हास रोका नहीं गया तो मानव के साथ अनेक जीवों का इतिहास में जमा होना निश्‍चित लगता है| यह खतरा ध्यान में आने के बाद विश्‍व स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के अभियानांतर्ग.....

सेवा बस्ती के बच्चों को सक्षम बनाती ‘स्व-रूपवर्धिनी’

पुणे की स्व-रूपवर्धिनी संस्था सेवा बस्ती में रहनेवाले बच्चों को न केवल पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करती है, उनके कौशल का विकास करते हुए उन्हें रोजगार दिलाने में भी सहायता देती है| ..

जम्मू-कश्मीर में भी सेवा भारती का ‘सेवा-जाल’

जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का मुकुट माना जाता है| भारत के उत्तरी छोर पर हिमालय पर्वत के हिमाच्छादित शिखरों और पहाडों से व्याप्त यह राज्य सारी दुनिया में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिए परिचित है| गुलमर्ग की बर्फ लदी चोटियॉं, नयनरम्य हरियाली और बर्फ का अपूर..

प्रदूषणमुक्ती के लिए कार्यरत ‘नर्मदा समग्र’

प्रदूषण को समय होते ही रोकने के लिए और नर्मदा का ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक स्वरूप बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश भोपाल की एक स्वयं सेवी संस्था ‘नर्मदा समग्र’ गत कुछ वर्षों से बहुत प्रभावी ढंग से काम कर रही है|..

विकलांगों में आशा जगाती ‘संवेदना’

रा. स्व. संघ जनकल्याण समिति महाराष्ट्र प्रांत संचालित, विवेकानंद वैद्यकीय प्रतिष्ठान और संशोधन केन्द्र का आधार लेकर लातूर में ‘संवेदना’ नाम से विकलांग बच्चों के लिए शाला स्थापन की गई..

‘चैतन्य’ के कारण ‘लालबत्ती’वाले बच्चे प्रकाशपथ पर

चैतन्य महिला मंडल ने वहॉं के लालबत्ती इलाके में रात को ‘पालना घर’ शुरू किया है| यहॉं इन बच्चों पर उत्तम संस्कार कर उन्हें जीवन की नई प्रकाशमय राह दिखाने का बडा ही साहस पूर्ण कार्य यह महिला मंडल कर रहा है|..

समतोल : प्लॅटफॉर्म पर भटकनेवाले बच्चों का आधार

मुंबई का ‘समतोल फाऊंडेशन’ भटके बच्चों के जीवन को फिर सवारने, उन्हें जीवन की सही राह दिखाते हुए उनके खुद के घर वापस भेजने का काम रहा है| ..

भाट महुदीः राजस्थान का एक आदर्श गॉंव

राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद ने अपने राज्य के गॉंवो का चित्र बदलने की ठान ली, जिसके फलस्वरूप आज भाट महुदी गॉंव राजस्थान का एक आदर्श गॉंव बन चुका है| ..

चेतना पुनर्वसन एवं शोध केन्द्र, बिलासपुर हिमाचल प्रदेश

विकलांगों का उपचार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता देना और नारी वर्ग से जुड़ी सामाजिक कुरीतियॉं निर्मूलन, स्त्री सशक्तीकरण के क्षेत्र में सहयोग देना, यह ‘चेतना पुनर्वसन एवं शोध संस्था’ का मुख्य उद्देश्य है| ..

छत्तीसगढ़ में प्रेरक के ग्राम विकास प्रकल्प

‘प्रेरक’, छत्तीसगढ़ के वनवासी गॉंवों को रोटी, कपड़ा, मकान आदि मूलभूत आवश्यकताओं से परिपूर्ण कर ग्राम स्वराज का मार्ग प्रशस्त करना चाहती है| देहातों के चहुमुखी विकास के लिए नागरिकों को प्रशिक्षित करने हेतु ‘प्रेरक’ विविध विषयों पर चर्चासत्र, प्रशिक्षण कार्यक..

मतिमंदों की सेवा में श्री पार्वती सेवा निलयम्

केरल में बेसहारा मतिमंदों को सहारा देने का अतिशय महत्त्वपूर्ण काम श्री पार्वती सेवा निलयम् संस्था कर रही है|..

अमेरा गॉंव आज बदल गया है

कुछ समय पहले तक छत्तीसगढ़ के पर्वतीय क्षेत्र में एक पिछड़े गॉंव के रूप में जाना जानेवाला अमेरा गॉंव आज, सेवा भारती द्वारा चलाए गए सेवा प्रकल्पों की बदौलत स्वयंपूर्ण बन गया है|..

एकल विद्यालय : दस लाख पेड़ लगाने का संकल्प!

वृक्षों का महत्त्व ध्यान में रखकर, एकल द्वारा स्वाभिमान जागरण अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम हाथ में लिया गया है| आगामी एक वर्ष में 'एकल' ने, १० लाख पेड़ लगाने का संकल्प किया है|..

पिछडा कोल्लमपल्ली आज बदल चुका

कुछ समय पूर्व तक सुस्त, पिछड़ा दिखनेवाले कोल्लमपल्ली गॉंव का स्वरूप आज बदल चुका है| गॉंव में शिक्षितों का अनुपात काफी बढ़ गया है, अनेक लोगों ने अपने छोटे-छोटे उद्योग शुरू किए है| यह प..

अदम्य चेतना की ‘अन्नपूर्णा मध्यान्ह भोजन योजना’

श्रीमती गिरिजा शास्त्री स्मृति ट्रस्ट ने अदम्य चेतना प्रकल्प के अंतर्गत बंगलोर, हुबली, गुलबर्गा और जोधपुर परिक्षेत्र की शालाओं में पढ़नेवाले २ लाख से अधिक विद्यार्थींयों के लिए ‘अन्नपूर्णा मध्यान्ह भोजन योजना’ आरंभ की है|..

केशव सृष्टि : सामाजिक सेवा का केन्द्र

स्वावलंबी, गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए, देश को सामाजिक क्षेत्र में सुदृढ बनाना आवश्यक है| इस दृष्टि से केशव सृष्टि कई सामाजिक प्रकल्पों का संचालन करती है| ..

उत्तन कृषि संशोधन संस्था

केशव सृष्टि के अंतर्गत, उत्तन कृषि संशोधन संस्था (उकृसंसं) सिंचाई, सेन्द्रिय खाद का प्रयोग कर कृषि उत्पादन बढ़ाने और सब्जी तथा फलों पर परंपरागत एवं आधुनिक तकनीक से प्रक्रिया करने की विधी विकसित करने का काम कर रही है| ..

‘नेले’ अनाथ बच्चों को देता है संस्कारित जीवन

‘नेले’ शब्द का कन्नड भाषा में अर्थ होता है आश्रय| इसलिए, बंगलोर में निराश्रित बच्चों को आश्रय देनेवाले प्रकल्प का नाम ही हिंदू सेवा प्रतिष्ठान ने ‘नेले’ रखा है| प्रतिष्ठान मानता है कि, निराश्रित बच्चों को आश्रय और शिक्षा देकर संस्कारित नागरिक बनाना समाज क..

अपेक्षा होमिओ सोसायटी, मोझरी

सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़े बच्चों के उत्थान हेतु काम करने के लिए१९८० में, महाराष्ट्र राज्य के अमरावती में, तिवसा इस तहसील के शहर के समीप, गुरुकुंज आश्रम, मोझरी में ‘अपेक्षा होमिओ सोसायटी’ (एएचएस) की स्थापना कीगई|..

बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाता ‘अक्षर भारती’

पॉंच से पंद्रह वर्ष की आयु के किशोरो को फिर पढ़ने की ओर मोडने ने लिए अक्षर भारती ने काम शुरू किया है| इसके अंतर्गत अविकसित और दूरदराज के क्षेत्र में बच्चों के लिए ग्रंथालय स्थापन किए गए है|..

प्रबोधिनी ट्रस्ट, हरिहरपुरा : प्राचीन मंत्र, आधुनिक तंत्र

जीवन के सभी अंगो के लिए उपयुक्त इस कालातीत ज्ञान का उपयोग कर आधुनिक मानव की क्षमता और ज्ञान को विकसित करने का और उत्तम मानव संसाधन की निर्मिती करते हुए देश को प्रगति की राह पर अगे्रसर करने का एक अनोखा काम प्रबोधिनी ट्रस्ट, हरिहरपुरा कर रहा है|..

बेडगुड्डे : सामूहिक प्रयास का चमत्कार

पानी, शिक्षा, सड़क और आरोग्य जैसी प्राथमिक सुविधाओं को तरसते और विकास योजनाओं की कल्पना भी ना कर सकनेवाले अनेक गॉंव इस देश में है| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इन गॉंवों को प्रगति की राह पर लाने के लिए ‘ग्राम विकास योजना’ बनाई|..

आदर्श गॉंव का नमूना : बघुवार

आप आदर्श गॉंव की स्थापना करना चाहते है तो इसका नमूना है, मध्य प्रदेश में के नरसिंहपुर जिले में का बघुवार गॉंव| इस गॉंव का आदर्श सामने रखकर देश के गॉंवों का विकास किया गया तो भारत निश्‍चित ही दुनिया में महाशक्ति बनकर उभरेगा|..

स्वयंसेवकों ने ‘इडकिडू’ का अर्थ ही बदल दिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने इडकिडु गॉंव को एक निर्मल, आदर्श ग्राम बनाया और साबित कर दिया कि, यहॉं सिर्फ शाखाए नही लगती, गॉंव के हित और विकास का भी विचार किया जाता है| ..

चित्रकूट : सामाजिक नव रचना की कर्मभूमि

प्रसिद्ध समाजसेवी, भारतीय जनसंघ के पूर्व महामंत्री एवं राज्यसभा के सांसद नानाजी देशमुख ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों एवं चिंतन को साकार रूप देने के लिए १९७२ को दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान की स्थापना की|..

बालगोकुलम् के कारण केरल में सांस्कृतिक उत्क्रांती

केरल के ३१ जिलों में बालगोकुलम् के १३४२ केन्द्र चलते है| इसके विशेष कार्यक्रमों में पूरे केरल से करीब एक लाख बालक शामिल होते है|..

देवलापार का ‘कामधेनु कृषी तंत्र’

कृषि के लिए पारंपरिक संसाधनों का उपयोग बढाने की जरूरत को देखते हुए इस दिशा में नागपुर के पास देवलापार गॉंव में स्थित ‘गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र’ में भी इस दिशा में किए जा रहे संशोधन काफी उपयोगी साबित हुए है| यहॉं पंचगव्य से कृषि के लिए कुछ प्रकार के खाद ..

गो-विज्ञान अनुसंधान का युगानुकूल कार्य

नागपुर के पास देवलापार स्थित ‘गो-विज्ञान अनुसंधान केंद्र’में पंचगव्ययुक्त आयुर्वेदिक दवाइयों का निर्माण होता है, साथही इस केंद्र द्वारा संचालित दो अस्पतालों में इन्ही दवाइयों का उपयोग कर कई असाध्य रोगों के मरीजों पर सफल उपचार भी किए जाते हैं| यहॉं पंचगव्य..

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